| Jan 01, 1970 | Daily Report |
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20641. भारत में स्पुतनिक वी वैक्सीन का निर्माण करेगी शिल्पा मेडिकेयर कंपनी, रेड्डीज लैबोरेटरीज के साथ हुआ समझौता
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- देश में बनी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन कोरोना के सभी प्रमुख वैरियंट के खिलाफ कारगर है। इनमें भारत और ब्रिटेन में मिले वैरियंट शामिल हैं। इनकी पहचान डबल म्यूटेंट B.1.617 और B.1.1.7 के तौर पर हुई है।
- इस वैक्सीन की निर्माता भारत बायोटेक ने रविवार को यह दावा किया। एक मशहूर मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध का हवाला देते हुए हैदराबाद की टीका निर्माता कंपनी ने यह बात कही।
- यह स्टडी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की ओर से पब्लिश किए जाने वाले जर्नल में छपी है। इस मेडिकल जर्नल का नाम है क्लीनिकल इंफेक्शियस डिजीज।
20642. नवंबर तक भारत की 40% आबादी को लग जाएंगे कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज: रिपोर्ट
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News18
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- YES Securities की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर महीने तक भारत की वयस्क आबादी के करीब 40 फीसदी हिस्से का वैक्सीनेशन पूरा कर लिया जाएगा. रिपोर्ट कहती है कि जनवरी 2022 तक 20 प्रतिशत और लोगों का वैक्सीनेशन भी हो जाएगा.
- YES Securities की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्तीय वर्ष का अंत होते-होते करीब 80 फीसदी आबादी का वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा. विश्लेषण में कहा गया है- 'हमें यह ध्यान रखना होगा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीफ साइंटिस्ट सौम्या विश्वनाथन ने कहा है कि 60 से 70 फीसदी आबादी के वैक्सीनेशन पर हम हर्ड इम्युनिटी हासिल कर सकते हैं.'
- इससे पहले केंद्र सरकार की तरफ से जानकारी दी गई थी कि कोविड-19 वैक्सीन की सप्लाई जून तक तेज होने की संभावना है. जिससे भारत को दिसंबर में खत्म होने वाली सात महीने की अवधि में करीब 300 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए अनुमानों से पता चलता है कि मई में 8.8 करोड़ खुराक जून तक लगभग दोगुना 15.81 करोड़ खुराक और अगस्त तक चौगुनी 36.6 करोड़ खुराक मिल सकती हैं. सिर्फ दिसंबर में, 65 करोड़ खुराकें उपलब्ध हो सकती हैं, जो मई की संख्या से सात गुना अधिक है.
20643. मॉडर्ना और फाइजर की कोरोना वैक्सीन के लिए स्टोरेज यूनिट्स बना रही टाटा और गोदरेज
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- टाटा ग्रुप की कंपनी वोल्टास (Voltas) और गोदरेज समूह की गोदरेज अप्लायंसेज (Godrej Appliances) फाइजर (Pfizer) और मॉडर्ना (Moderna) की कोरोना वैक्सीनों के लिए स्टोरेज यूनिट्स बना रही हैं। इन वैक्सीनों को बहुत कम तापमान पर स्टोर करना पड़ता है।
- गोदरेज और टाटा न केवल वैक्सीन स्टोरेज यूनिट्स का प्रॉडक्शन बढ़ा रही हैं बल्कि टेक्नोलॉजी भी अपग्रेड कर रही हैं।
- गोदरेज अप्लायंसेज वैक्सीन स्टोरेज के लिए ऐसी यूनिट्स बनाने को तैयार है जिसमें माइनस 80 डिग्री में वैक्सीन को रखा जा सकता है।
20644. Corona Vaccine को लेकर भारत सरकार का बड़ा फैसला, अक्टूबर तक टीके का नहीं होगा निर्यात!
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- भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण के बीच कई राज्य कोविड-19 टीकों (Covid-19 Vaccine) की कमी का दावा कर रहे हैं. इसे देखते हुए अब कम से कम अक्टूबर तक टीकों के निर्यात को फिर से शुरू करने की संभावना नहीं है और इनका इस्तेमाल देश में किया जाएगा. सरकार से जूड़े तीन सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी.
- कोरोना वायरस (Coronavirus) संकट की वजह से दुनियाभर में सबसे बुरे दौर से जूझ रहे भारत ने एक महीने पहले वैक्सीन (Corona Vaccine) के निर्यात पर रोक लगा दी थी. इससे पहले भारत ने 6.6 करोड़ से अधिक खुराक दूसरे देशों को भेजे थे.
- सरकारी सूत्रों ने कहा कि सरकार के इस कदम से दुनियाभर में टीकों की आपूर्ति के लिए शुरू की गई पहल 'कोवैक्स (Covax)' को काफी नुकसान होने की आशंका है
20645. Covid Vaccine News: भारत में मिले कोरोना के नए वेरिएंट पर भी है असरदार है फाइज़र और मॉडर्ना की वैक्सीन: स्टडी
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News18
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- अमेरिका के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन (Pfizer Moderna Vaccines) भारत में कोरोना के दो नए वेरिएंट के खिलाफ भी काम करती है. ये अध्ययन एनवाईयू ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन और एनवाईयू लैंगोन सेंटर की तरफ से किया गया है. हालांकि इसके नतीजे अभी तक किसी जर्नल में प्रकाशित नहीं हुए हैं.
- एक वैज्ञानिक ने समाचार एसेंजी एएफपी को बताया, 'हमने स्टडी में पााया कि वैक्सीन की एंटीबॉडी नए वेरिएंट के खिलाफ थोड़े कमजोर हैं, लेकिन फिर भी ये वैक्सीन इस वेरिएंट के खिलाफ लड़ने के लिए काफी है. यानी हम ये कह सकते हैं कि फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन भारत में कोरोना के दो नए वेरिएंट के खिलाफ असरदार है.'
- एक स्टडी के मुताबिक फाइजर की एफिकेसी रेट सबसे ज्यादा 95% है, जबकि मॉडर्ना का असर 94.1% माना जा रहा है. अधिकतर विशेषज्ञ फाइजर वैक्सीन को सबसे सफल मान रहे हैं. ये वैक्सीन mRNA तकनीक पर काम करती है
20646. जॉनसन एंड जॉनसन सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन का भारत में करेगी निर्माण, जानें टीके से जुड़ी अहम बातें
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- भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की तरफ से यह दावा किया गया है कि उसकी तरफ से बनाई गई कोरोना वैक्सीन का प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ने वाला है.
- भारत बायोटेक की ओर से जारी बयान में यह बताया गया है कि जहां तक कोवैक्सीन (Covaxin) की बात है, कंपनी अपने गुजरात प्लांट के साथ एक साल के अंदर वैक्सीन की 200 मिलियन (20 करोड़) डोज बनाने जा रही है और इसके लिए अलग-अलग जगहों पर बहुत तेजी से काम हो रहा है, जिसके लिए एडिशनल लैब (अतिरिक्त लैब्स) की भी व्यवस्था की जा रही है.
- जानकारी के मुताबिक, भारत बायोटेक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी चिरोन बेहरिंग वैक्सीन्स (Chiron Behring Vaccines), जो गुजरात के अंकलेश्वर में स्थित है, ने भारत की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन, कोवैक्सीन के प्रोडक्शन में तेजी लाने की घोषणा की है.
20647. भारत बायोटेक बढ़ाएगा कोवैक्सीन का उत्पादन, अपने गुजरात प्लांट के साथ मिलकर बनाएगा 200 मिलियन डोज
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TV9 Bharatvarsh
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- भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की तरफ से यह दावा किया गया है कि उसकी तरफ से बनाई गई कोरोना वैक्सीन का प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ने वाला है.
- भारत बायोटेक की ओर से जारी बयान में यह बताया गया है कि जहां तक कोवैक्सीन (Covaxin) की बात है, कंपनी अपने गुजरात प्लांट के साथ एक साल के अंदर वैक्सीन की 200 मिलियन (20 करोड़) डोज बनाने जा रही है और इसके लिए अलग-अलग जगहों पर बहुत तेजी से काम हो रहा है, जिसके लिए एडिशनल लैब (अतिरिक्त लैब्स) की भी व्यवस्था की जा रही है.
- जानकारी के मुताबिक, भारत बायोटेक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी चिरोन बेहरिंग वैक्सीन्स (Chiron Behring Vaccines), जो गुजरात के अंकलेश्वर में स्थित है, ने भारत की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन, कोवैक्सीन के प्रोडक्शन में तेजी लाने की घोषणा की है.
20648. दूर होगी कोवैक्सीन की कमी, सितंबर से BIBCOL बनाएगी हर महीने 1 करोड़ डोज https://www.aajtak.in/india/uttar-pradesh/story/bibcol-company-to-produce-covaxin-after-technology-transfer-from-bharat-biotech-1258435-2021-05-21
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Aaj Tak
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- केंद्र सरकार ने पोलियो का टीका बनाने वाली कंपनी भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉपरेशन (BIBCOL) को टीके के उत्पादन करने की अनुमति दे दी है. कंपनी हर माह एक करोड़ करोड़ Covaxin का उत्पादन करेगी.
- भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉपरेशन (BIBCOL) उन तीन कंपनियों में से एक है जिसको कोवैक्सीन बनाने के लिए अनुबंधित किया गया है.
- भारत बायोटेक और भारत सरकार ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और लैब डेवलपमेंट का कॉन्फिडेंशियल एग्रीमेंट साइन कर लिया है.
20649. Moderna लॉन्च करने जा रही सिंगल डोज वैक्सीन, अगले साल तक भारत को मिलेंगी 5 करोड़ डोज!
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Zee News
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- 5 करोड़ डोज की आपूर्ति के लिए कंपनी इस वक्त सिपला (Cipla) और दूसरी फर्म से बातचीत कर रही है.
- मॉडर्ना ने बच्चों पर वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल का रिजल्ट जारी कर किया है, जिसमें उसकी वैक्सीन बच्चों पर 100% प्रभावी और सुरक्षित पाई गई है.
- कंपनी ने अपनी वैक्सीन का ट्रायल 12 से 17 वर्ष की उम्र के 3 हजार 732 बच्चों पर किया है.कंपनी मॉडर्ना ने कहा कि वो अपनी वैक्सीन को बच्चों के लिए मंजूरी दिलवाने के लिए अमेरिका की रेगुलेटर बॉडी FDA के पास जून के महीने में अप्लाई करेगी.
20650. Bharat Biotech Applies for WHO Emergency-Use Listing, Claims 90% Documents Submitted
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India
News18
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- The remaining documents are expected to be submitted next month. The company is awaiting for a pre-submission meeting to be held in May-June.
- Following the pre-submission meeting, it will be required to go through 2 more stages, the acceptance of the dossier for review and the final status of assessment before its application is accepted.
- As per data available, less than 10 nations have officially approved the Covaxin. Most countries only recognize Oxford-AstraZeneca’s Covishield as the required vaccine for passengers coming from India, reported Moneycontrol. Speaking with Wion, Joint managing director of Bharat Biotech, Suchitra Ella said their vaccine, COVAXIN has been proved to be neutralizing all these variants including the double mutant, which has been observed in India & has an edge given it is inactivated virus produced in cell culture or Vero cell platform.